आज सुबह से ही घर में चहल पहल मच रही थी , राहुल आज सुबह जल्दी ही उठ गया था और वो नए कपडे पहनकर बैठा हुआ था , मैं भूल ही गया था कि पिछले रविवार को मेने वादा किया था कि हम अगले रविवार को घूमने जायेंगेl शायद इसीलिए वह मेरा इंतजार कर रहा था इसीलिए मैं भी जल्दी से तैयार हो गया और मैं राहुल और सुनीता घर से घूमने के लिए निकले l
आज का मौसम बड़ा सुहाना था हमने पार्क में जाकर बहुत मजे किए और उसके बाद हमने शॉपिंग भी की और उसके बाद मूवी भी देखने गए वहां थिएटर में हॉरर मूवी लगी थी राहुल पहली बार हॉरर मूवी देखने मेरे साथ गया था मुझे नहीं पता था कि वह मूवी देखकर इतना डर जाएगा l वह पूरे रास्ते मुझे उस मूवी के हॉरर सीन के बारे में बताता रहा l
शायद वह ज्यादा ही डर गया था और डरता क्यों नहीं वह सिर्फ 5 साल का बच्चा ही तो था, रात को हम घर पहुंचे और फिर हमने खाना खाया और फिर हमने उसको किसी तरह सुला दिया l राहुल आधा घंटे सोने के बाद ही जाग गया और रोने लगा l राहुल ने एक डरावनी फिल्म देखी थी और उसे यह डर लग रहा था कि राक्षस आकर उसे उठा ले जाएगाl
मैं इस डर को उसके दिमाग से हमेशा के लिए निकालना चाहता था मैं नहीं चाहता था कि इतनी छोटी सी उम्र में वह यह डर अपने दिमाग में बैठा ले क्योंकि “बच्चे अगर छोटे-छोटे डर को अपने दिमाग में बैठा लेते है तो वह इसी तरह जिंदगी की समस्याओं और इन समस्याओं के डर को अपने दिमाग की गहराई में बैठा लेते हैं और बड़े होकर नेगेटिव सोच का शिकार बनते हैं ” इसीलिए मैं उसे हमेशा बचपन से ही पॉजिटिव और अच्छी बातें सिखाता रहता था इसलिए मैंने इस समस्या का भी पॉजिटिव तरीके से हल निकाला l
सबसे पहले मैंने राहुल के सामने उसके रूम की सारी खिड़कियों की जांच की इस तरह मैंने उसे आश्वासन दिलाया कि सारी खिड़कियां अच्छी तरह से बंद है इसके बाद मैंने उसे उसके खिलौने की प्लास्टिक की बंदूक उसके पास की टेबल पर रख दी और राहुल से कहा राहुल वैसे तो तुम्हें कोई दिक्कत नहीं आएगी अगर फिर भी कोई दिक्कत आए तो यह तुम्हारी बंदूक तुम्हारे पास रखी है l
अब जाकर राहुल को को चैन मिला उसका डर दूर हुआ और 4 मिनट बाद ही वह गहरी नींद में सो गया l

दोस्तों इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें कर्म करना चाहिए क्योंकि कर्म करने से डर दूर हो जाता है l